लखनऊ/उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “भारत की आत्मा उत्तर प्रदेश में निवास करती है,” यह केवल एक भावनात्मक कथन नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने सदियों से देश की आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक धरोहर और राष्ट्रीय एकता को दिशा देने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या, भगवान कृष्ण की लीला भूमि मथुरा और भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश की पावन स्थली सारनाथ उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करती हैं।
उन्होंने कहा कि गंगा-यमुना की पावन धरती, संगम नगरी प्रयागराज, और विश्व की प्राचीनतम जीवंत नगरी वाराणसी भारत की सांस्कृतिक आत्मा का केंद्र हैं।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध है, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी ढांचे के विकास में भी निरंतर प्रगति कर रहा है। डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश निवेश, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
मुख्यमंत्री के इस बयान को प्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता और विकास के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कथन आगामी विकास योजनाओं और सांस्कृतिक आयोजनों की पृष्ठभूमि को भी दर्शाता है।


